Tuesday, 24 September 2019

लक्ष्मी माता की आरती – Lakshmi MATA AARTI

Lakshmi MAA AARTI : लक्ष्मी माता की आरती

ॐ जय लक्ष्मी माता, तुमको निस दिन सेवत,
मैया जी को निस दिन सेवत
हर विष्णु विधाता || ॐ जय ||
उमा रमा ब्रम्हाणी, तुम ही जग माता
ओ मैया तुम ही जग माता
सूर्य चन्द्र माँ ध्यावत, नारद ऋषि गाता || ॐ जय ||
दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पति दाता
ओ मैया सुख सम्पति दाता
जो कोई तुम को ध्यावत, ऋद्धि सिद्धि धन पाता || ॐ जय ||
तुम पाताल निवासिनी, तुम ही शुभ दाता
ओ मैया तुम ही शुभ दाता
कर्म प्रभाव प्रकाशिनी, भव निधि की दाता || ॐ जय ||
जिस घर तुम रहती तहँ सब सदगुण आता
ओ मैया सब सदगुण आता
सब सम्ब्नव हो जाता, मन नहीं घबराता || ॐ जय ||
तुम बिन यज्ञ न होता, वस्त्र न कोई पाता
ओ मैया वस्त्र ना पाटा
खान पान का वैभव, सब तुम से आता || ॐ जय ||
शुभ गुण मंदिर सुन्दर, क्षीरोदधि जाता
ओ मैया क्षीरोदधि जाता
रत्ना चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता || ॐ जय ||
धुप दीप फल मेवा, माँ स्वीकार करो
मैया माँ स्वीकार करो
ज्ञान प्रकाश करो माँ, मोहा अज्ञान हरो || ॐ जय ||
महा लक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता
ओ मैया जो कोई गाता
उर आनंद समाता, पाप उतर जाता || ॐ जय ||

Lakshmi MAA AARTI

Om Jai Lakshmi Mata, Maiya Jai Lakshmi Mata
Tumko Nis Din Shewat, Har Vishnu Dhata
Om Jai Lakshmi Mata…
Uma Rama Brahmani, Tumhi Jag Mata
Surya Chandrama Dhyavat, Narad Rishi Gata
Om Jai Lakshmi Mata…
Durga Roop Niranjani, Sukh Sampati Data
Jo Koi Tumko Dhyawat, Riddhi Siddhi Dhan Pata
Om Jai Lakshmi Mata…
Tum Patal ki Vasini, Tum hi Shubh Data
Karma Prabhava prakashini, Jag nidhi Ki Trata
Om Jai Lakshmi Mata…
Jis Ghar me Tum Rahti, Sab Sadguna Ata
Sab Sambhav ho jata, maan nahi ghabrata
Om Jai Lakshmi Mata…
Tum Bin yagya na howe, vastra na koi pata
Khan paan ka vaibhav, sab tumse ata
Om jai Lakshmi Mata…
Shubh Guna Mandir Sunder, Kshirodadhi jata
Ratna Chaturdas tum bin, koi nahin pata
Om Jai Lakshmi Mata…
Maha Lakshmiji ki Aarti, jo koi jan gata
Ur Anand Samata, paap Utar jata
Om jai lakshmi Mata…
Om Jai Lakshmi Mata, Maiya Jai Lakshmi Mata
Tumko Nis Din Shewat, Har Vishnu Dhata
Om Jai Lakshmi Mata…

दुर्गा आरती

ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुम को निशदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवरी. ॐ जय अम्बे…
मांग सिंदूर विराजत टीको मृगमद को
उज्जवल से दो नैना चन्द्र बदन नीको. ॐ जय अम्बे…
कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजे
रक्त पुष्प दल माला कंठन पर साजे. ॐ जय अम्बे…
केहरि वाहन राजत खड़्ग खप्पर धारी
सुर-नर मुनिजन सेवत तिनके दुखहारी. ॐ जय अम्बे…
कानन कुण्डल शोभित नासग्रे मोती
कोटिक चन्द्र दिवाकर राजत सम ज्योति. ॐ जय अम्बे…
शुम्भ निशुम्भ विडारे महिषासुर धाती
धूम्र विलोचन नैना निशदिन मदमाती. ॐ जय अम्बे…
चण्ड – मुंड संहारे सोणित बीज हरे
मधु कैटभ दोऊ मारे सुर भयहीन करे.ॐ जय अम्बे…
ब्रह्माणी रुद्राणी तुम कमला रानी
आगम निगम बखानी तुम शिव पटरानी. ॐ जय अम्बे…
चौसठ योगिनी मंगल गावत नृत्य करत भैरु
बाजत ताल मृदंगा और बाजत डमरु. ॐ जय अम्बे…
तुम ही जग की माता तुम ही हो भर्ता
भक्तन की दुःख हरता सुख सम्पत्ति कर्ताॐ जय अम्बे…
भुजा चार अति शोभित वर मुद्रा धारी
मन वांछित फ़ल पावत सेवत नर-नारी. ॐ जय अम्बे…
कंचन थार विराजत अगर कपूर बाती
श्रीमालकेतु में राजत कोटि रत्न ज्योति. ॐ जय अम्बे…
श्री अम्बे जी की आरती जो कोई नर गावे
कहत शिवानंद स्वामी सुख संपत्ति पावे. ॐ जय अम्बे…

Durga Mata Aarti lyrics in English

Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri
Tumko nish-din dhyavat, hari brahma shivji, Jai ambe gauri
Maang sindoor virajat, tiko mrig-mad ko
Ujjwal se dou naina, chandra vadan niko, Jai ambe gauri
Kanak samaan kalewar, raktaambar raaje
Rakt pushp gal-mala, kanthan par saaje, Jai ambe gauri
Kehri vahan rajat, kharag khapar dhaari
Sur nar muni jan sevat, tinke dukh haari, Jai ambe gauri
Kanan kundal shobhit, naas-agre moti
Kotik chandra divakar, sum rajat jyoti, Jai ambe gauri
Shumbh ni-shumbh vidare, mahisha sur ghati
Dhumra-vilochan naina, nish-din- mad mati, Jai ambe gauri
Chandh mundh sangh-haare, shonit beej hare
Madhu kaitabh dou maare, sur bhe heen kare, Jai ambe gauri
Brahmani rudrani, tum kamla rani
Aagam nigam bakhani, tum shiv patrani,Jai ambe gauri
Chon-sath yogini gavat, nritya karat bhairon
Baajat taal mridanga, aur baajat damaroomaroo , Jai ambe gauri
Tum ho jag ki maata, tum hi ho bharta
Bhakto ki dukh harata, sukh sampati karata, Jai ambe gauri
Bhuja chaar ati shobit, var mudra dhaari
Man vaanchit phal pavat, sevat nar naari, Jai ambe gauri
Kanchan thaal virajat, agar kapoor baati
Shri maal-ketu me rajat, kotik ratan jyoti, Jai ambe gauri
Shri ambe-ji-ki aaarti, jo koi nar gaave
Kahat shivanand swami, sukh sampati pave, Jai ambe gauri

Monday, 15 July 2019

श्री कृष्ण जन्माष्टमी 2019

श्री कृष्ण जन्माष्टमी 2019

जन्माष्टमी 2019

देवताओं में भगवान श्री कृष्ण विष्णु के अकेले ऐसे अवतार हैं जिनके जीवन के हर पड़ाव के अलग रंग दिखाई देते हैं। उनका बचपन लीलाओं से भरा पड़ा है। उनकी जवानी रासलीलाओं की कहानी कहती है, एक राजा और मित्र के रूप में वे भगवद् भक्त और गरीबों के दुखहर्ता बनते हैं तो युद्ध में कुशल नितिज्ञ। महाभारत में गीता के उपदेश से कर्तव्यनिष्ठा का जो पाठ भगवान श्री कृष्ण ने पढ़ाया है आज भी उसका अध्ययन करने पर हर बार नये अर्थ निकल कर सामने आते हैं। भगवान श्री कृष्ण के जन्म लेने से लेकर उनकी मृत्यु तक अनेक रोमांचक कहानियां है। इन्ही श्री कृष्ण के जन्मदिन को हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले और भगवान श्री कृष्ण को अपना आराध्य मानने वाले जन्माष्टमी के रूप में मनाते हैं। इस दिन भगवान श्री कृष्ण की कृपा पाने के लिये भक्तजन उपवास रखते हैं और श्री कृष्ण की पूजा अर्चना करते हैं।

कब हुआ श्री कृष्ण का जन्म

जन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को ही कहा जाता है। पौराणिक ग्रंथों के मतानुसार श्री कृष्ण का जन्म का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के समय हुआ था। अत: भाद्रपद मास में आने वाली कृष्ण पक्ष की अष्टमी को यदि रोहिणी नक्षत्र का भी संयोग हो तो वह और भी भाग्यशाली माना जाता है इसे जन्माष्टमी के साथ साथ जयंती के रूप में भी मनाया जाता है।
जन्माष्टमी 2019 - 24 अगस्त
निशिथ पूजा– 00:01 से 00:45
पारण– 05:59 (24 अगस्त) सूर्योदय के पश्चात
रोहिणी समाप्त- सूर्योदय से पहले
अष्टमी तिथि आरंभ – 08:08 (23 अगस्त)
अष्टमी तिथि समाप्त – 08:31 (24 अगस्त)
कैसे करें श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत, 10 जरूरी बातें

चौकी पर लाल कपड़ा बिछा लीजिए।

भगवान् कृष्ण की मूर्ति चौकी पर एक पात्र में रखिए।

अब दीपक जलाएं और साथ ही धूपबत्ती भी जला लीजिए।

भगवान् कृष्ण से प्रार्थना करें कि, 'हे भगवान् कृष्ण ! कृपया पधारिए और पूजा ग्रहण कीजिए।

श्री कृष्ण को पंचामृत से स्नान कराएं।

फिर गंगाजल से स्नान कराएं।

अब श्री कृष्ण को वस्त्र पहनाएं और श्रृंगार कीजिए।


भगवान् कृष्ण को दीप दिखाएं।

इसके बाद धूप दिखाएं।

अष्टगंध चन्दन या रोली का तिलक लगाएं और साथ ही अक्षत (चावल) भी तिलक पर लगाएं।
माखन मिश्री और अन्य भोग सामग्री अर्पण कीजिए और तुलसी का पत्ता विशेष रूप से अर्पण कीजिए. साथ ही पीने के लिए गंगाजल रखें।

अब श्री कृष्ण का इस प्रकार ध्यान कीजिए

श्री कृष्ण बच्चे के रूप में पीपल के पत्ते पर लेटे हैं।

उनके शरीर में अनंत ब्रह्माण्ड हैं और वे अंगूठा चूस रहे हैं।

इसके साथ ही श्री कृष्ण के नाम का अर्थ सहित बार बार चिंतन कीजिए।

कृष् का अर्थ है आकर्षित करना और का अर्थ है परमानंद या पूर्ण मोक्ष।

इस प्रकार कृष्ण का अर्थ है, वह जो परमानंद या पूर्ण मोक्ष की ओर आकर्षित करता है, वही कृष्ण है।

मैं उन श्री कृष्ण को प्रणाम करता/करती हूं। वे मुझे अपने चरणों में अनन्य भक्ति प्रदान करें।

विसर्जन के लिए हाथ में फूल और चावल लेकर चौकी पर छोड़ें और कहें : हे भगवान् कृष्ण! पूजा में पधारने के लिए धन्यवाद।

कृपया मेरी पूजा और जप ग्रहण कीजिए और पुनः अपने दिव्य धाम को पधारिए।

Tuesday, 21 May 2019

Shri Hanuman Aarti

Shri Hanuman Aarti  श्री हनुमान जी की आरती
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके॥

अंजनि पुत्र महा बलदाई। सन्तन के प्रभु सदा सहाई॥
दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारि सिया सुधि लाए॥

लंका सो कोट समुद्र-सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई॥
लंका जारि असुर संहारे। सियारामजी के काज सवारे॥

लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आनि संजीवन प्राण उबारे॥
पैठि पाताल तोरि जम-कारे। अहिरावण की भुजा उखारे॥

बाएं भुजा असुरदल मारे। दाहिने भुजा संतजन तारे॥
सुर नर मुनि आरती उतारें। जय जय जय हनुमान उचारें॥

कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई॥
जो हनुमानजी की आरती गावे। बसि बैकुण्ठ परम पद पावे॥



Aarti Shri Hanumanji

Aarti Kije Hanuman Lala Ki। Dusht Dalan Ragunath Kala Ki॥
Jake Bal Se Girivar Kaanpe। Rog Dosh Ja Ke Nikat Na Jhaanke॥
Anjani Putra Maha Baldaaee। Santan Ke Prabhu Sada Sahai॥
De Beera Raghunath Pathaaye। Lanka Jaari Siya Sudhi Laaye॥
Lanka So Kot Samundra-Si Khai। Jaat Pavan Sut Baar Na Lai॥
Lanka Jaari Asur Sanhare। Siyaramji Ke Kaaj Sanvare॥
Lakshman Moorchhit Pade Sakaare। Aani Sajeevan Pran Ubaare॥
Paithi Pataal Tori Jam-kaare। Ahiravan Ke Bhuja Ukhaare॥
Baayen Bhuja Asur Dal Mare। Daahine Bhuja Santjan Tare॥
Sur Nar Muni Aarti Utare। Jai Jai Jai Hanuman Uchaare॥
Kanchan Thaar Kapoor Lau Chhaai। Aarti Karat Anjana Maai॥
Jo Hanumanji Ki Aarti Gaave। Basi Baikunth Param Pad Pave॥

Shree Durga Maa Aarti

Durga Maa Aarti – अम्बे तू है जगदम्बे काली
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली l

तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती ll

तेरे भक्त जनों पे माता, भीर पड़ी है भारी l

दानव दल पर टूट पडो माँ, करके सिंह सवारी ll

सौ सौ सिंहों से तु बलशाली, दस भुजाओं वाली l

दुखिंयों के दुखडें निवारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती ll

माँ बेटे का है इस जग में, बडा ही निर्मल नाता l

पूत कपूत सूने हैं पर, माता ना सुनी कुमाता ll

सब पर करुणा दरसाने वाली, अमृत बरसाने वाली l

दुखियों के दुखडे निवारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती ll

नहीं मांगते धन और दौलत, न चाँदी न सोना l

हम तो मांगे माँ तेरे मन में, इक छोटा सा कोना ll

सबकी बिगडी बनाने वाली, लाज बचाने वाली l

सतियों के सत को संवारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती ll

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली l

तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती ll


Durga Maa Aarti In English

Ambe Tu Hai Jagdambe Kali Jai Durga Khappar Wali l
Tere Hi Gun Gayen Bharti,O Maiya Hum Sab Utare Teri Aarti ll
Tere Bhakt Jano Pe Mata Bheer Padi Hai Bhari l
Danav Dal Par Toot Pado Maa Karke Sinh Savar ll
Sou Sou Sinho Se Hai Balshali Hai Dus Bhujaon Wali l
Dukhion Ke Dukhde Niwarti,O Maiya Hum Sab Utare Teri Aarti ll
Maan Bête Ka Hai Is Jug Main Bada Hi Nirmal Nata l
Poot Kapoot Sune Hain Par Na Mata Suni Kumata ll
Sub Pe Karuna Darsane Wali Amrit Barsane Wali l
Dukhion Ke Dukhde Niwarti,O Maiya Hum Sab Utare Teri Aarti ll
Nahin Mangte Dhan Aur Daulat Na Chandi Na Sona l
Hum To Mange Tere Man Main Ek Chhota Sa Kona ll
Sub Ki Bigdi Banane Wali Laaj Bachane Wali l
Sathiyon Ke Sat Ko Sanvarti,O Maiya Hum Sab Utare Teri Aarti ll
Ambe Tu Hai Jagdambe Kali Jai Durga Khappar Wali l
Tere Hi Gun Gayen Bharti,O Maiya Hum Sab Utare Teri Aarti ll

Shree Lakshmi Aarti

Lakshmi MAA AARTI : 
लक्ष्मी माता की आरती
ॐ जय लक्ष्मी माता, तुमको निस दिन सेवत,
मैया जी को निस दिन सेवत
हर विष्णु विधाता || ॐ जय ||


उमा रमा ब्रम्हाणी, तुम ही जग माता

ओ मैया तुम ही जग माता
सूर्य चन्द्र माँ ध्यावत, नारद ऋषि गाता || ॐ जय ||


दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पति दाता

ओ मैया सुख सम्पति दाता
जो कोई तुम को ध्यावत, ऋद्धि सिद्धि धन पाता || ॐ जय ||


तुम पाताल निवासिनी, तुम ही शुभ दाता

ओ मैया तुम ही शुभ दाता
कर्म प्रभाव प्रकाशिनी, भव निधि की दाता || ॐ जय ||


जिस घर तुम रहती तहँ सब सदगुण आता

ओ मैया सब सदगुण आता
सब सम्ब्नव हो जाता, मन नहीं घबराता || ॐ जय ||


तुम बिन यज्ञ न होता, वस्त्र न कोई पाता

ओ मैया वस्त्र ना पाटा
खान पान का वैभव, सब तुम से आता || ॐ जय ||


शुभ गुण मंदिर सुन्दर, क्षीरोदधि जाता

ओ मैया क्षीरोदधि जाता
रत्ना चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता || ॐ जय ||


धुप दीप फल मेवा, माँ स्वीकार करो

मैया माँ स्वीकार करो
ज्ञान प्रकाश करो माँ, मोहा अज्ञान हरो || ॐ जय ||


महा लक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता

ओ मैया जो कोई गाता
उर आनंद समाता, पाप उतर जाता || ॐ जय ||



Lakshmi MAA AARTI

Om Jai Lakshmi Mata, Maiya Jai Lakshmi Mata
Tumko Nis Din Shewat, Har Vishnu Dhata
Om Jai Lakshmi Mata…


Uma Rama Brahmani, Tumhi Jag Mata

Surya Chandrama Dhyavat, Narad Rishi Gata
Om Jai Lakshmi Mata…


Durga Roop Niranjani, Sukh Sampati Data

Jo Koi Tumko Dhyawat, Riddhi Siddhi Dhan Pata
Om Jai Lakshmi Mata…


Tum Patal ki Vasini, Tum hi Shubh Data

Karma Prabhava prakashini, Jag nidhi Ki Trata
Om Jai Lakshmi Mata…


Jis Ghar me Tum Rahti, Sab Sadguna Ata

Sab Sambhav ho jata, maan nahi ghabrata
Om Jai Lakshmi Mata…


Tum Bin yagya na howe, vastra na koi pata

Khan paan ka vaibhav, sab tumse ata
Om jai Lakshmi Mata…


Shubh Guna Mandir Sunder, Kshirodadhi jata

Ratna Chaturdas tum bin, koi nahin pata
Om Jai Lakshmi Mata…


Maha Lakshmiji ki Aarti, jo koi jan gata

Ur Anand Samata, paap Utar jata
Om jai lakshmi Mata…


Om Jai Lakshmi Mata, Maiya Jai Lakshmi Mata

Tumko Nis Din Shewat, Har Vishnu Dhata
Om Jai Lakshmi Mata…

Shri Ram Stuti

॥दोहा॥
श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन
हरण भवभय दारुणं ।
नव कंज लोचन कंज मुख
कर कंज पद कंजारुणं ॥१॥

कन्दर्प अगणित अमित छवि
नव नील नीरद सुन्दरं ।
पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि
नोमि जनक सुतावरं ॥२॥

भजु दीनबन्धु दिनेश दानव
दैत्य वंश निकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल
चन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥

शिर मुकुट कुंडल तिलक
चारु उदारु अङ्ग विभूषणं ।
आजानु भुज शर चाप धर
संग्राम जित खरदूषणं ॥४॥

इति वदति तुलसीदास शंकर
शेष मुनि मन रंजनं ।
मम् हृदय कंज निवास कुरु
कामादि खलदल गंजनं ॥५॥

मन जाहि राच्यो मिलहि सो
वर सहज सुन्दर सांवरो ।
करुणा निधान सुजान शील
स्नेह जानत रावरो ॥६॥

एहि भांति गौरी असीस सुन सिय
सहित हिय हरषित अली।
तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि
मुदित मन मन्दिर चली ॥७॥

॥सोरठा॥
जानी गौरी अनुकूल सिय
हिय हरषु न जाइ कहि ।
मंजुल मंगल मूल वाम
अङ्ग फरकन लगे।

Shri Ram Stuti in English

Shri Ramachandra Kripalu Bhajuman, Harana bhavabhaya daarunam ।
Navakanja lochana kanja mukhakara, Kanja pada kanjaarunam ॥1॥
Kandarpa aganita amita chhav nava, Neela neerara sundaram ।
Patapita maanahum tadita ruchi-shuchi ,Navmi janaka sutaavaram ॥2॥
Bhaju deena bandhu dinesh daanav, Daityavansha nikandanam ।
Raghunanda aananda kanda kaushala, Chanda dasharatha nandanam ॥3॥
Sira mukuta kundala tilaka chaaru, Udaaru anga vibhooshanam ।
Aajaanu bhuja shara chaapadhara, Sangraama-jita-khara dooshanam ॥4॥
Iti vadati Tulsidas shankar, Shesha muni manaranjanam ।
Mama hridayakanja nivaas kuru, Kaamaadi khaladal ganjanam ॥5॥
Manu jaahin raacheu milihi so baru , Sahaja sundara saanvaro ।
Karuna nidhaan sujaan seelu, Sanehu jaanat raavaro ॥6॥
Ehi bhaanti gauri asees suni siya, Sahita hiyan harashi ali ।
Tulsi bhavaanihi pooji puni puni, Mudit man mandir chalee ॥7॥
Jaani gauri anukool, Siya hiya harashu na jaaye kaheen ।
Manjula mangala moola , Baam anga pharkana lage ॥8॥